वाटर कूलर क्या है वाटर कूलर की कीमत
गर्मी में हम पानी खाने पीने की कई वस्तुओं को ठंडा करके उन्हें इस्तेमाल में लेते हैं. जिसके लिए हम किसी ना किसी उपकरण का इस्तेमाल करते हैं. वाटर कूलर भी एक ऐसा ही उपकरण है जो कि खास तौर पर पानी को ठंडा करने के लिए ही बनाया जाता है. वाटर कूलर या वाटर वितरक एक डिवाइस है. जो पानी ठंडा और वितरित करता है. यह आमतौर पर दो प्रकार का होता है. : बिना बोतल और बोतलबंद पानी कूलर बिना बोतल पानी कूलर पानी की आपूर्ति के साथ जुड़े होते हैं बोतलबंद पानी कूलरों को बड़ी बोतलों में पानी वितरण की आवश्यकता होती है
पानी कूलरों का प्रयोग पानी को 10°C से 20°C तापमान रेंज में ठंडा करने के लिए किया जाता है. इनका वर्गीकरण इस तरह से किया जा सकता है:
- तात्कालिक प्रकार
- भंडारण प्रकार
- तात्कालिक-और-भंडारण प्रकार
पहले प्रकार में पानी तत्काल ठंडा होता है. और ठंडे पानी की आपूर्ति होती है. वह भी यूनिट में कोई फ्लोट वोल्व नहीं होता दूसरे प्रकार के पानी कूलर में एक स्टोरेज टैंक होता है. जिस में ठंडा पानी स्टोर होता है. और उसके बाद उपभोग के लिए आपूर्ति की जाती है. टैंक में पानी ठीक से स्टॉल करने के लिए एक फ्लोट वाल्व लगा होता है. तीसरे प्रकार में पानी पूर्व ठंडा करने और स्टोर करने की व्यवस्था होती है. इसके अलावा यह एक विशेष तापमान रेंज पर ठंडे पानी का निरंतर प्रवाह बनाए रखता है.
वाटर कूलर के मुख्य भाग
- कंप्रेसर
- कंडेनसर
- मोटर के साथ पंखा
- पानी स्टोरेज टैंक
- विस्तार डिवाइस
- इवेपोरेटर
- फिल्टर
ठंडे पानी के तापमान को 10°C से 20°C की रेंज में नियंत्रित करने के लिए एक थ्रमोस्टेटिक स्विच प्रदान किया होता है.
पानी स्टोरेज टैंक जिस में ठंडा पानी स्टोर किया जाता है. वह गैर संक्षारक सामग्री जैसे G.I शीट का बना होता है. इसमें एक फ्लोट वाल्व होता है. जो ऑटोमेटिकली इसमें एक निश्चित स्तर बनाए रखता है
वाटर कूलर कैसे काम करता है
जैसे ही वाटर कूलर का स्विच ऑन किया जाता है. तो कंप्रेसर चालू हो जाता है. और रेफ्रिजरेंट गैस को कंप्रेस करता है. यह गैस डिस्चार्ज लाइन में से कंडेनसर के अंदर धकेली जाती है. और कंप्रेसर में से आने वाली रेफ्रिजरेंट गैस उच्च तापमान और उच्च प्रेशर की होती है. कंडेनसर में रेफ्रिजरेंट गैस को एक पंखा ठंडा करता है. कंप्रेसर के काम करते रहने से रेफ्रिजरेंट तरल उच्च प्रेशर पर रिसीवर में धकेला जाता है. रिसीवर से तरल रेफ्रिजरेंट फिल्टर में प्रवेश करता है. जहां पर यह फिल्टर होता है. और अनचाहे कण दूर हो जाते हैं कंप्रेसर के काम करते रहने से तरल रेफ्रिजरेंट फिल्टर में से साफ होने के बाद विस्तार वाल्व में प्रवेश करता है. विस्तार वाल्व से तरल रेफ्रिजरेंट इवेपोरेटर क्वाइल में जाता है.
इवेपोरेटर क्वाइल 10 Mm व्यास और 10 से 15 मीटर लंबी कोपर ट्यूब होती है. एवापोरेटर क्वायल पानी के टैंक के चारों और फिट की होती है. एवापोरेटर के आउटलेट से रेफ्रिजरेंट गैस अक्युम्युलेटर में जाती है. जो कि लगभग 30 Mm व्यास और 25-30 Cm लंबी ट्यूब होती है. अक्युम्युलेटर को इस तरह से स्थापित किया जाता है. कि इसके आउटलेट से केवल रेफ्रिजरेंट गैस ही कंप्रेसर की सेक्शन लाइन में इस तरह से रेफ्रिजरेशन का एक साइकल पूरा हो जाता है. कंप्रेसर के काम करते रहने से यह चक्रण बार-बार होता रहता है. यह तब तक होता रहता है.
जब तक कि थर्मोस्टेटिक स्विच कंप्रेसर को सप्लाई कट ऑफ नहीं कर देता थर्मोस्टेट कंप्रेसर के इलेक्ट्रिक सर्किट में सीरीज में स्थापित किया जाता है. और इसे एक निर्धारित तापमान की सीमा पर सेट किया होता है. एक ओवरलोड प्रोटेक्टर भी इलेक्ट्रिक सप्लाई कट ऑफ करता है. और यह है. तब ऑपरेट होता है. जब मोटर ओवरलोड हो गई हो और यह तब ऑपरेट होता है. जब मोटर ओवरलोड हो गई हो बाईमेटेलिक ओवरलोड रक्षक गर्म हो जाता है. और पावर सप्लाई डिसकनेक्ट कर देता है.
ठंडा पानी एक वाटर टैंक में स्टोर होता है. जिसके चारों और इंसुलेशन सामग्री होती है. ताकि आसपास की गर्मी से पानी ओवरहीट ना हो जाए
प्रेशर प्रकार वाटर कूलर
आम प्रकार का वॉटर कूलर वह है. जो दीवार पर लगाया जाता है. ,इनकमिंग पानी को ठंडा करने के लिए, पानी और बिजली कि लगातार सप्लाई के लिए भवन की सप्लाई के साथ कनेक्टेड होता है. और व्यर्थ पानी को निपटाने के लिए भवन की वेस्ट सिस्टम के साथ जुड़ा होता है. इसमें 2 बुनियादी साइकल होते हैं :
रेफ्रिजरेशन साइकल
यह वेपर कंप्रेसर साइकल पर आधारित है. और यह घरेलू रेफ्रिजरेटर के साइकल के समान है. फिर भी एवापोरेटर में एक कूलिंग कॉइल होती है. जो पानी स्टोरेज चेंबर के चारों ओर लिपटी होती है. कॉलिंग क्वायल में प्रवेश करने पर कम प्रेशर तरल रेफ्रिजरेंट पानी स्टोरेज चेंबर से हीट अवशोषित करता है. यह हीट लेटेंट हीट ऑफ वेपोराइजेशन के समान होती है. तरल रेफ्रिजरेंट वेपर में परिवर्तित हो जाता है. रेफ्रिजरेंट में हिट छोड़ने से चेम्बर का पानी ठंडा हो जाता है.
वाटर साइकल
शहर का मुख्य पानी कूलर के पीछे इनलेट कनेक्शन में प्रवेश करता है. यह Pre-Cooler में से गुजरता है. जहां व्यर्थ ड्रेन पानी इसे ठंडा करता है. पूर्व कूलर पानी से हटाए जाने वाली हीट को कम करता है. और इस से ऑपरेटिंग लागत कम हो जाती है. पूर्व ठंडा पानी स्टोरेज चेंबर में जाता है. और अपनी गर्मी रेफ्रिजरेंट में छोड़ता है. आउटलेट वाटर पाइप, स्टोरेज टैंक के नीचे कनेक्ट की होती है. और इसमें एक Self Closing Valve या Bubble फिट किया जाता है.
वाटर कूलर की कीमत
जैसा की आपको ऊपर बताया गया है वाटर कूलर कई प्रकार के होते हैं इसीलिए इनकी कीमत भी अलग-अलग हो जाती है वाटर कूलर की कीमत इसकी कंपनी इसके आकार पर निर्भर करता है जितना बड़ा वाटर कूलर आप लेंगे उसकी कीमत उतनी ही ज्यादा हो जाएगी या आप जितनी बढ़िया कंपनी का वाटर कूलर लेंगे तब भी इसकी कीमत ज्यादा रहेगी तो अगर आप वाटर कूलर खरीदना चाहते हैं. तो नीचे आपको इसका लिंक दिया गया है. जहां से आप ऑनलाइन वाटर कूलर को खरीद सकते हैं.
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