रेफ्रिजरेटर के कंडेन्सर काँइल की एहमीयत

 दोस्तो,  जब भी हम कीसी भी मशीन की बात करते है तो हम उसका अपने नजरीए से परीक्षण करते करते यह नतीजे पे पहुचते है की, मशीन की हर एक चीज एक दूसरे से जुडी हुई होती है। और हर एक की कार्य पद्धती अलग होती है।  पर आखीर मे सभी चीजो की कार्यपद्धती तो एकत्रित करते हुए ही मशीन का कामकाज पार पडता है और हमे जो फॅसिलिटी चाहीए वह उपलब्ध होती है।  ऐसी ही एक उपलब्धी के बारेमे हम आज बात करेंगे।  जी हाँ दोस्तो।  आज हम बात करेंगे रेफ्रिजरेटर और इसका एक महत्वपूर्ण अंग ,जिसे हम कंडेन्सर काँइल कहते है।  दोस्तो, रेफ्रिजरेटर मे एक मुलभुत सिद्धांत होता है, हिट ट्रान्स्फर करना। यही बेसिक फाँर्मयुला कायम रखके यह मशीन काम करके हमे कुलिंग प्रदान करती है। जब हम फ्रिज चलाते है, उस वक्त हमे जो चिजे थंडी करनी होती है वे फ्रिज के अंदर के कुलिंग करने वाले कम्पार्टमेंट मे रख देते है। जहाँ पे उन चिंजो की हीट कुलिंग करने वाला क्षेत्र अँब्जाँर्ब करता है और हीट ट्रान्स्फर होने के कारण वह चिजे थंडी हो जाती है। और बहोत दीनो तक टिकने की क्षमता उनमे क्रमप्राप्त होती है।  इसी तराह से फ्रीज के ...

Voltage stabilizer

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व्होल्टेज स्टेबलाइजर

आपने वोल्टेज स्टेबलाइजर के बारे में जरूर सुना होगा और आपके घर में stabilizer जरूर होगा। लेकिन क्या आप जानते हैं कि स्टेबलाइजर क्या होता है?(what is stabilizer ?) क्या आप जानते हैं कि स्टेबलाइजर का काम क्या है और स्टेबलाइजर कितने प्रकार के होता है? क्या आप जानते हैं कि स्टेबलाइजर कैसे काम करता है? यदि नहीं जानते हैं तो हमारा ये पोस्ट जरूर पढ़ें। इस पोस्ट में आज हम स्टेबलाइजर की पूरी जानकारी हिंदी(stabilizer in Hindi) में देने जा रहे हैं।
स्टेबलाइजर एक ऐसी डिवाइस होती है जो कि Fix Value की वोल्टेज प्रदान करता है.हमारे घर में कुछ ऐसे उपकरण होते हैं जिन्हें कम से कम 240 V की सप्लाई की जरूरत होती है और कुछ कारणवश हमारे घर में अगर सप्लाई 240V से कम आती है तो वह उपकरण ठीक प्रकार से कार्य नहीं कर पाता इसीलिए उसके लिए स्टेबलाइजर की जरूरत पड़ती है. जो कि हमारे घर में आने वाली सप्लाई को 240V पर Fix कर के उपकरण को 240V की सप्लाई प्रदान करता है. स्टेबलाइजर का इस्तेमाल ज्यादातर रेफ्रिजरेटर 
(फ्रिज) एयर कंडीशनर इत्यादि पर किया जाता है.
स्टेबलाइजर की इनपुट पर कितनी भी सप्लाई दी जाए यह उसे Fix Value पर ही आउटपुट पर देता है. अगर पीछे से सप्लाई कम आ रही है तो यह उसे बढ़ा देता है और अगर पीछे से ही सप्लाई ज्यादा आ रही है तो यह उसे कम कर देता है. स्टेबलाइजर का इस्तेमाल पूरे घर की सप्लाई के लिए भी किया जा सकता है और एक किसी खास उपकरण के लिए भी किया जा सकता है. अगर आपके घर में हमेशा ही कम बिजली आती है तो आप अपने पूरे घर पर एक स्टेबलाइजर लगा सकते हैं इसके लिए आपको सबसे पहले अपने घर का लोड पता करना होगा और उसी आधार पर आपको स्टेबलाइजर लगाना होगा. अगर आपके घर में एयर कंडीशनर जैसा बड़ा उपकरण नहीं है तो आप कम से कम 5 KVA का स्टेबलाइजर अपने घर में इस्तेमाल करें.

स्टेबलाइजर के प्रकार(type of stabilizer)

स्टेबलाइजर का इस्तेमाल उपकरणों के ऊपर किया जाता है कुछ उपकरण ऐसे होते हैं जिन पर बिल्कुल निश्चित एक Volt की जरूरत होती है. उस निर्धारित Volt से 1 Volt भी कम या ज्यादा इस्तेमाल नहीं कर सकते. मान लीजिए किसी उपकरण को 231 V सप्लाई की जरूरत है तो उसे 231 Volt से कम या ज्यादा सप्लाई देने पर वह अपने कार्य करने का तरीका बदल देगा. इसलिए उसे सिर्फ 231 V की सप्लाई ही दे सकते हैं. स्टेबलाइजर मुख्य दो प्रकार के होते हैं.

1)मैनुअली ऑपरेटेड स्टेबलाइजर

2)ऑटोमेटिक ऑपरेटेड स्टेबलाइजर

1)मैनुअली ऑपरेटेड स्टेबलाइजर (manually operated stabilizer)

इस प्रकार के सप्लाई घर में एक ऑटोमेटिक ट्रांसफार्मर का इस्तेमाल किया जाता है जिसकी वाइंडिंग से कई Tapping निकाली जाती है. इन Tapping को एक और बैटरी स्विच के द्वारा जोड़ा जाता है .और उस रोटरी स्विच को हाथ से घुमाकर वोल्टेज को आवश्यकता अनुसार प्राप्त किया जाता है. आउटपुट वोल्टेज पर 1 वोल्ट मीटर लगाया जाता है जिससे कि हमें पता चल सके कि आउटपुट में हमें कितने वोल्टेज मिल रही है.
manually operated stabilizer
स्टेबलाइजर में एक इंडिकेटर लगाया जाता है जो कि कम और अधिक वोल्टेज का पता बताता है. ऊपर इसका डायग्राम दिया गया है जहां पर आप देख सकते हैं कि इसकी कॉन्फ़िगरेशन कैसे होती है.

2)ऑटोमेटिक ऑपरेटेड स्टेबलाइजर

आटोमेटिक वोल्टेज स्टेबलाइजर अपने आप वोल्टेज को कंट्रोल करता है यह कई प्रकार के होते हैं जिसके बारे में नीचे आपको बताया गया है.
Automatic Voltage Stabilizer

-वोल्टेज रेगुलेटर टाइप स्टेबलाइजर (Voltage Regulate Type Stabilizer)

voltage regulate stabilizer



यह स्टेबलाइजर अधिकतर 22 वोल्ट तक की वोल्टेज को कम या ज्यादा करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है स्टेबलाइजर में जीनर डायोड, ट्रांजिस्टर या IC का इस्तेमाल किया जाता है .स्टेबलाइजर की इनपुट पर अनियमित डीसी सप्लाई दी जाती है और इसकी आउटपुट से नियमित सप्लाई प्राप्त कर ली जाती है इस से 12 वोल्ट डीसी नियमित पावर सप्लाई प्राप्त की जाती है इसके लिए 12.7 वोल्ट का जनरल डायर का इस्तेमाल किया जाता है.
यह Zener डायड द्वारा बनाया गया वोल्टेज स्टेबलाइजर है.इसके अलावा एक ऐसी रेगुलेटेड पावर सप्लाई होती है जिसमें IC का इस्तेमाल किया जाता है. यह 35 से 40 वोल्ट की डीसी अनियमित सप्लाई लेती है. और 5 से 30 वर्ष तक की नियमित डीसी सप्लाई दे सकती है इसमें आउटपुट वोल्टेज के लिए 25 किलो Ohm एक रजिस्टर लगाया जाता है.

ऑटो कट वोल्टेज स्टेबलाइजर(Auto cut voltage stabilizer)
Auto cut voltage stabilizer

इस प्रकार के स्टेबलाइजर एक निश्चित रेंज की वोल्टेज पर कार्य करने के लिए बनाए जाते हैं. जैसे कि अगर इनपुट पर सप्लाई 150 V से कम हो जाए या 250 V से ज्यादा हो जाए तो यह अपने आप सप्लाई को बंद कर देता है. इस प्रकार के स्टेबलाइजर में डायोड, ट्रांजिस्टर, थायरिस्टर, इत्यादि का इस्तेमाल किया जाता है.

स्टेबलाइजर की कीमत(Price of stabilizer)

स्टेबलाइजर की कीमत उसके टाइप और लोड पर निर्भर करती है कि वह किस प्रकार का स्टेबलाइजर है और वह कितने लोड तक चल सकता है. अगर आप घर के लिए वोल्टेज स्टेबलाइजर लेना चाहते हैं तो आपको पहले यह देखना होगा कि आप किस उपकरण के लिए स्टेबलाइजर लेना चाहते हैं. अगर आप अपने पूरे घर के लिए 5kv स्टेबलाइजर लेना चाहते हैं तो इसकी कीमत लगभग 7000 रुपए का मिलेगा. अगर आप अपने घर के किसी सिर्फ एक उपकरण जैसे कि फ्रिज या एयर कंडीशनर के लिए स्टेबलाइजर खरीदना चाहते हैं तो यह इससे काफी कम कीमत में आपको मिल जाएगा.
Stabilizer For Ac Up To 1.5 Ton
Stabilizer For Ac Up To 2 Ton

अगर इसके अलावा आपका कोई भी सवाल या सुझाव हो तो नीचे कमेंट करके जरूर बताएं.
इस लिंक से आपको फ्रिज के स्टँबिलायझर की खरीदारी आसान होगी। 
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